पश्चिमी विचारक

प्लेटो का आदर्श राज्य

              CONTENT: राज्य और व्यक्ति का संबंध, आदर्श राज्य का निर्माण, आदर्श राज्य की आलोचना,   प्लेटो का आदर्श राज्य सभी आने वाले समय और सभी स्थानों के लिए एक आदर्श का प्रस्तुतीकरण है। उसने आदर्श राज्य की कल्पना करते समय उसकी व्यवहारिकता की उपेक्षा की है। यद्यपि प्लेटों …

प्लेटो का आदर्श राज्य Read More »

प्लेटो का साम्यवाद : संपत्ति और पत्नि

                   content: संपत्ति का साम्यवाद, संपत्ति के साम्यवाद की आलोचना, पत्नियों का साम्यवाद, आलोचना, प्लेटो ने अपने आदर्श राज्य के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु दो साधनों को प्रतिपादित किया है – एक, राज्य नियंत्रित शिक्षा और दूसरा, संरक्षक वर्ग के लिए संपत्ति और पत्नियों का साम्यवाद। इस …

प्लेटो का साम्यवाद : संपत्ति और पत्नि Read More »

प्लेटो का मुख्य ग्रंथ रिपब्लिक

  प्लेटो का मुख्य ग्रंथ रिपब्लिक (platos republic) प्लेटो द्वारा राजदर्शन पर रचित सभी मुख्य ग्रंथों में से उसका ग्रंथ रिपब्लिक ( republic)सबसे मुख्य है, जिसे न्याय से संबंधित (concerning justice) के नाम से भी पुकारा जाता है क्योंकि प्लेटो ने इसके माध्यम से एक ऐसी आदर्श राज व्यवस्था का वर्णन किया है जो न्याय …

प्लेटो का मुख्य ग्रंथ रिपब्लिक Read More »

कार्ल मार्क्स की ऐतिहासिक भौतिकवाद

                content परिचय समाज विकास की छः अवस्थाओं का वर्णन समाज की आर्थिक व्याख्या के निष्कर्ष आलोचना   परिचय – इतिहास की आर्थिक व्याख्या का सिद्धांत (theory of economic interpretation) अर्थात् ऐतिहासिक भौतिकवाद द्वंदात्मक भौतिकवाद के सिद्धांत को सामाजिक विकास पर लागू करने का नाम है। इसका सीधा साधा …

कार्ल मार्क्स की ऐतिहासिक भौतिकवाद Read More »

द्वंदात्मक भौतिकवाद : कार्ल  मार्क्स

             CONTENT परिचय द्वंदात्मक पद्धति भौतिकवाद द्वन्दात्मक भौतिकवाद द्वन्दात्मक भौतिकवाद की विशेषताएं आलोचना मूल्यांकन परिचय –  द्वंदात्मक भौतिकवाद का सिद्धांत मार्क्स के संपूर्ण चिंतन का मूल आधार है। द्वंद का विचार मार्क्स ने हीगल से ग्रहण किया तथा भौतिकवाद का विचार फ्यूअरबाख से लिया। क्योंकि इस सिद्धांत का प्रतिपादन दो …

द्वंदात्मक भौतिकवाद : कार्ल  मार्क्स Read More »

हाॅब्स का व्यक्तिवाद

  हाॅब्स का व्यक्तिवाद  (Hobbes’s individualism)   हरमन का कथन है कि “यद्यपि हाॅब्स उन प्रतिबंधों को स्वीकार करता है, जिन्हें संप्रभु, व्यक्ति पर आरोपित कर सकता है तथापि उसके सिद्धांत में व्यक्तिवाद के शक्तिशाली तत्व मौजूद हैं। सेबाइन के अनुसार “लाॅक का पूर्वगामी होने के चलते हाॅब्स को पहला दार्शनिक माना जाता है, जिसके …

हाॅब्स का व्यक्तिवाद Read More »

थाॅमस हाॅब्स की जीवन परिचय

थाॅमस हाॅब्स का जन्म 1588 ई. में इंग्लैंड के दक्षिणी तट पर स्थित मेम्सबरी( maimsbury) नामक नगर में हुआ था। उसके जन्म के पूर्व स्पेन की जनसेना (Armada) ने इंग्लैंड पर आक्रमण किया था। सभी लोग भयाक्रांत थे। कहा जाता है कि भय के वातावरण में जन्मा हाॅब्स जिंदगी भर ऐसे ही ग्रस्त रहा। स्वयं …

थाॅमस हाॅब्स की जीवन परिचय Read More »

मैकियावेली की मानव स्वभाव संबंधी विचार

मानव स्वभाव संबंधी विचार (views on human nature) machiavelli मैकियावेली ने मानव स्वभाव को पतित और विकृत बताया है। उसके अनुसार मनुष्य चंचल, धोखेबाज, चंचल, लालची तथा संकट से बचने वाला होता है। वह अपने लाभ एवं स्वार्थों की पूर्ति के लिए दूसरों का साथ पकड़ता है। वह एक खास सीमा तक अपनी संपत्ति, जीवन, …

मैकियावेली की मानव स्वभाव संबंधी विचार Read More »

धर्म और नैतिकता पर मैकियावेली के विचार

धर्म और नैतिकता पर मैकियावेली के विचार मैकियावेली ने राजनीति को धर्म और नैतिकता से अलग किया। आधुनिक युग का आरंभ करने वाले पुनर्जागरण के प्रतिनिधि के रूप में वही सबसे पहला विचारक था, जिसने ऐसा किया। हम लोग धर्म और नैतिकता के संबंध में उसके विचारों को देखते हुए यह समझने का प्रयास करेंगे …

धर्म और नैतिकता पर मैकियावेली के विचार Read More »

शिक्षा का सिद्धांत-प्लेटो

  शिक्षा का सिद्धांत (Theory of knowledge)   प्लेटो की रिपब्लिक केवल सरकार के संबंध में लिखी गई पुस्तक नहीं है, जैसा कि रूसो कहता है यह शिक्षाशास्त्र का प्रबंध ग्रंथ है। उसके सारे दर्शन का सार जैसा, कि रिपब्लिक में बताया गया है, प्राचीन यूनानी समाज में सुधार लाना था। रिपब्लिक का उद्देश्य न्याय …

शिक्षा का सिद्धांत-प्लेटो Read More »